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Rumored Buzz on mahavidya tara

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तृतीयेनार्जितः कीर्तिः,चतुर्थे किं करिष्यति ॥ ॐ गुरुभ्यो भुवनेश्वरी पश्चिम मां पातु । ।। ॐ निं ह्लीं क्रीं ह्रीं गुरुभ्यो श्रीं ऐं स्त्रीं नम: ।। तंत्र-साधना के बल पर व्यक्ति निश्चित ही अलौकिक और चमत्कारिक शक्तियों का स्वामी बन सकता है। आज भी तंत्र-साधना की शक्तिपीठों के प्रति लोगों में https://damienctiym.qodsblog.com/25442020/the-2-minute-rule-for-mahavidya-tara

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